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‘मैला आंचल’ पुस्तक समीक्षा : फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की नज़र में युगों से सोई हुई ग्राम – चेतना कैसे जाग रही है !

‘मैला आँचल’ हिन्दी के आंचलिक उपन्यासों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। फणीश्वरनाथ रेणु द्वारा 1954 ई. में ‘मैला...
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गोधन पूजा : गोधन कुटाई की क्या है पूरी कहानी ? गोधन पूजा से जुड़ी दंतकथा का एक प्रसंग !

बहनें सुबह गोधन भईया का पूजा करके अपने भाई को रेगनी के कांट से शरापती हैं और वहां से बजरी लाकर अपनी भाई को खिलाती है। बजरी के प्रसाद में सुखा चना, सुखा मटर, मिठाई, नारियल, कटी मिसरी, बताशा होता है।
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Pramila Magzine : जीआई टैग की प्रासंगिकता और भव्यता को दिखाती प्रमिला पत्रिका प्रकाशित

पत्रिका के संपादक अभिनंदन द्विवेदी का कहना है कि पत्रिका के हर अंक के ज़रिए एक नवीन बिहार दिखाने का प्रयास रहता है। हमारी हमेशा से यह कोशिश है कि पत्रिका में वैसे मुद्दों को स्थान दिया जाए जो सीधा जन जागरण से जुड़ा हो, साथ ही अपनी मिट्टी, अपनी मातृभाषा भोजपुरी पर रचनात्मक काम किया जा सके।